Weather Update 2026: मार्च का महीना शुरू होते ही देश के कई हिस्सों में गर्मी तेजी से बढ़ने लगी है। कई शहरों में तापमान सामान्य से ज्यादा दर्ज किया जा रहा है और लोगों को दोपहर के समय तेज गर्मी का सामना करना पड़ रहा है। इसी बीच मौसम के मोर्चे पर एक बड़ा बदलाव देखने को मिल सकता है। बंगाल की खाड़ी में विकसित हुआ एक मजबूत मौसम तंत्र अब भारत के कई राज्यों के मौसम को प्रभावित करने की स्थिति में पहुंच गया है।
भारतीय मौसम विभाग के अनुसार यह वायुमंडलीय परिसंचरण म्यांमार के पास बंगाल की खाड़ी में सक्रिय हुआ है और धीरे-धीरे भारतीय तट की ओर बढ़ रहा है। इस सिस्टम के कारण देश के कई हिस्सों में बारिश, तेज हवाएं और गरज-चमक की स्थिति बन सकती है। मौसम वैज्ञानिकों का मानना है कि यह बदलाव मार्च के शुरुआती दिनों में मौसम की दिशा को प्रभावित कर सकता है।
कई राज्यों में बढ़ती गर्मी के बीच बदलेगा मौसम
मार्च के पहले सप्ताह में ही देश के कई इलाकों में गर्मी का असर स्पष्ट रूप से दिखाई देने लगा है। महाराष्ट्र के विदर्भ क्षेत्र में स्थित अकोला जैसे शहरों में तापमान 40 डिग्री सेल्सियस के पार पहुंच गया है। वहीं दिल्ली, पटना, लखनऊ, भोपाल और चंडीगढ़ जैसे बड़े शहरों में भी तापमान लगातार ऊपर जा रहा है।
हालांकि बंगाल की खाड़ी में बना नया मौसम तंत्र कुछ क्षेत्रों में राहत भी दे सकता है। मौसम विभाग के अनुसार अगले कुछ दिनों में देश के अलग-अलग हिस्सों में मौसम के अलग-अलग रूप देखने को मिलेंगे। कहीं बारिश होगी तो कहीं गर्मी का असर बना रहेगा। इस वजह से आने वाले दिन मौसम के लिहाज से काफी उतार-चढ़ाव वाले रह सकते हैं।
वायुमंडलीय परिसंचरण का प्रभाव
मौसम विभाग के आंकड़ों के अनुसार म्यांमार के यांगून से लगभग 500 किलोमीटर पश्चिम में एक बड़ा वायुमंडलीय परिसंचरण विकसित हुआ है। यह धीरे-धीरे भारत के पूर्वी तट की ओर बढ़ रहा है। इसके प्रभाव से आंध्र प्रदेश, तेलंगाना, ओडिशा और आसपास के क्षेत्रों में बादल छाने और हल्की बारिश होने की संभावना बन रही है।
मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि मार्च के शुरुआती दिनों में इस तरह का सक्रिय सिस्टम मौसम में अचानक बदलाव ला सकता है। इस वजह से पूर्वी भारत और दक्षिण-पूर्वी हिस्सों में बारिश और गरज-चमक के साथ मौसम बदलने के संकेत मिल रहे हैं।
7 राज्यों में बारिश की चेतावनी
भारतीय मौसम विभाग ने 9 मार्च से 14 मार्च के बीच देश के सात राज्यों में बारिश की संभावना जताई है। इनमें जम्मू-कश्मीर, हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड, बिहार, झारखंड, पश्चिम बंगाल और ओडिशा शामिल हैं।
इन राज्यों में कई स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश के साथ तेज हवाएं चल सकती हैं। कुछ इलाकों में हवा की गति 30 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंचने का अनुमान है। मौसम विभाग का कहना है कि भले ही बारिश बहुत ज्यादा न हो, लेकिन इससे तापमान में थोड़ी कमी देखने को मिल सकती है।
दिल्ली-एनसीआर में गर्मी का असर
देश की राजधानी दिल्ली और आसपास के एनसीआर क्षेत्रों में मार्च की शुरुआत से ही गर्मी का असर महसूस होने लगा है। मौसम विभाग के अनुसार आने वाले कुछ दिनों में यहां आसमान में हल्के बादल दिखाई दे सकते हैं, लेकिन इससे तापमान में ज्यादा गिरावट की उम्मीद नहीं है।
दिल्ली में अधिकतम तापमान 34 से 37 डिग्री सेल्सियस के बीच रह सकता है, जो सामान्य से थोड़ा अधिक है। वहीं न्यूनतम तापमान 16 से 18 डिग्री सेल्सियस के आसपास रहने की संभावना है। दिन के समय तेज धूप के कारण दोपहर में गर्मी ज्यादा महसूस होगी, जबकि हल्की हवाएं कुछ राहत दे सकती हैं।
उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड का मौसम
उत्तर प्रदेश में फिलहाल मौसम मुख्य रूप से शुष्क रहने का अनुमान है। मौसम विभाग के मुताबिक राज्य के कई जिलों में दिन का तापमान सामान्य से 3 से 5 डिग्री सेल्सियस तक अधिक दर्ज किया जा सकता है। इसके कारण दोपहर के समय गर्मी का असर बढ़ेगा, हालांकि सुबह और शाम के समय हल्की ठंडक बनी रह सकती है।
दूसरी ओर उत्तराखंड के पहाड़ी इलाकों में मौसम थोड़ा अलग रह सकता है। पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव के कारण कुछ क्षेत्रों में बादल छाने और हल्की बारिश की संभावना है। ऊंचाई वाले स्थानों पर तापमान में हल्की गिरावट भी देखी जा सकती है।
बिहार और झारखंड में बदलता मौसम
बिहार और झारखंड में भी मौसम धीरे-धीरे करवट ले रहा है। यहां तापमान में बढ़ोतरी तो हो रही है, लेकिन आने वाले दिनों में बारिश की संभावना भी जताई गई है। मौसम विभाग के अनुसार 9 से 11 मार्च के बीच कई इलाकों में हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है।
इस दौरान गरज-चमक और बिजली गिरने की भी आशंका है, इसलिए लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है। साथ ही कुछ क्षेत्रों में तेज हवाएं भी चल सकती हैं। बारिश के कारण तापमान में थोड़ी गिरावट आने की संभावना है जिससे गर्मी से अस्थायी राहत मिल सकती है।
पंजाब और हरियाणा में फिलहाल शुष्क मौसम
पंजाब और हरियाणा में फिलहाल मौसम स्थिर और शुष्क बना हुआ है। आने वाले कुछ दिनों में यहां मौसम में किसी बड़े बदलाव की संभावना कम है। दिन के समय तेज धूप के कारण तापमान धीरे-धीरे बढ़ सकता है।
हालांकि सुबह और रात के समय मौसम सुहावना रह सकता है। मौसम विभाग के अनुसार फिलहाल इन राज्यों में बारिश की संभावना बहुत कम है और आसमान ज्यादातर साफ रहने की उम्मीद है।
हिमाचल प्रदेश और जम्मू-कश्मीर में बारिश-बर्फबारी
पहाड़ी राज्यों में इस समय तापमान सामान्य से ज्यादा दर्ज किया जा रहा है, जिससे यहां भी गर्मी का असर देखने को मिल रहा है। हालांकि मौसम विभाग का अनुमान है कि 9 से 11 मार्च के बीच एक नया पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय हो सकता है।
इसके प्रभाव से हिमाचल प्रदेश और जम्मू-कश्मीर के कई इलाकों में हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है। ऊंचाई वाले क्षेत्रों में बर्फबारी की भी संभावना जताई गई है। इसके साथ तेज हवाएं चलने से तापमान में थोड़ी गिरावट आ सकती है।
मध्य प्रदेश और राजस्थान में हीटवेव का खतरा
मध्य प्रदेश और राजस्थान के कई हिस्सों में मार्च के शुरुआती दिनों से ही तापमान तेजी से बढ़ रहा है। पश्चिमी राजस्थान के कुछ क्षेत्रों में हीटवेव जैसी स्थिति बनने की संभावना जताई गई है।
दिन के समय तेज धूप के कारण तापमान काफी ऊंचा रह सकता है। वहीं मध्य प्रदेश में भी धीरे-धीरे गर्मी बढ़ने के संकेत मिल रहे हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि लोगों को इस समय धूप से बचाव करना चाहिए और पर्याप्त मात्रा में पानी पीना चाहिए।
गुजरात और महाराष्ट्र में बढ़ती गर्मी
गुजरात और महाराष्ट्र के कई इलाकों में भी गर्मी का असर तेज होता जा रहा है। मौसम विभाग के अनुसार महाराष्ट्र के विदर्भ क्षेत्र में 8 से 12 मार्च के बीच हीटवेव की स्थिति बन सकती है।
गुजरात के उत्तरी हिस्सों में भी 9 और 10 मार्च के आसपास तापमान ज्यादा महसूस किया जा सकता है। दिन के समय तेज धूप के कारण बाहर निकलते समय सावधानी बरतने की जरूरत होगी।
दक्षिण भारत में गर्मी और हल्की बारिश
दक्षिण भारत के कई राज्यों में मौसम गर्म और उमस भरा बना हुआ है। खासकर तमिलनाडु में लोगों को गर्मी के साथ नमी का भी सामना करना पड़ रहा है। चेन्नई समेत कई शहरों में तापमान में बढ़ोतरी दर्ज की जा सकती है।
हालांकि मन्नार की खाड़ी के आसपास बने मौसम तंत्र के कारण नीलगिरी, कन्याकुमारी और तटीय क्षेत्रों में हल्की बारिश की संभावना है। इसके बावजूद 14 मार्च तक तमिलनाडु और पुडुचेरी में ज्यादातर समय मौसम शुष्क ही रहने का अनुमान है।
पूर्वोत्तर भारत का मौसम
पूर्वोत्तर भारत के राज्यों में फिलहाल मौसम सामान्य बना हुआ है। मौसम विभाग के अनुसार आने वाले दिनों में यहां किसी बड़े बदलाव की संभावना कम है।
हालांकि बंगाल की खाड़ी में सक्रिय सिस्टम का हल्का प्रभाव पूर्वी हिस्सों पर पड़ सकता है, जिससे कुछ क्षेत्रों में बादल छा सकते हैं। तापमान में बहुत ज्यादा बदलाव की संभावना नहीं है और मौसम सामान्य बना रह सकता है।








