India Weather Forecast: मार्च का महीना आमतौर पर हल्की गर्मी और सुहावने मौसम के लिए जाना जाता है, लेकिन इस साल दिल्ली-एनसीआर में मौसम का मिजाज कुछ अलग ही दिखाई दे रहा है। राजधानी में मार्च की शुरुआत से ही तापमान तेजी से बढ़ने लगा है, जिससे लोगों को समय से पहले ही भीषण गर्मी का अहसास होने लगा है। मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि सामान्य से अधिक तापमान और साफ आसमान की वजह से राजधानी में गर्मी तेजी से बढ़ी है, जिसके कारण दिन के समय गर्म हवाओं और तेज धूप का असर साफ महसूस किया जा रहा है।
तापमान सामान्य से कई डिग्री ज्यादा
दिल्ली में इन दिनों अधिकतम तापमान सामान्य स्तर से काफी ऊपर दर्ज किया जा रहा है। मार्च के शुरुआती दिनों में ही पारा 33 से 35 डिग्री सेल्सियस के आसपास पहुंच गया है, जो इस समय के औसत तापमान से कई डिग्री अधिक माना जाता है। कई इलाकों में लोगों को ऐसा महसूस हो रहा है जैसे मई-जून की गर्मी शुरू हो गई हो। मौसम विभाग के अनुसार, इस तरह का तापमान मार्च के शुरुआती दिनों में असामान्य माना जाता है और यह मौसम में बदलते पैटर्न की ओर संकेत करता है।
राजधानी के विभिन्न मौसम केंद्रों पर भी तापमान में तेजी से बढ़ोतरी दर्ज की गई है। कुछ स्थानों पर तापमान 35 डिग्री से ऊपर भी पहुंच गया, जो पिछले कई वर्षों के रिकॉर्ड के मुकाबले काफी ज्यादा है। मौसम विशेषज्ञों का मानना है कि साफ आसमान, कम नमी और पश्चिमी विक्षोभ की अनुपस्थिति के कारण तापमान में तेजी से वृद्धि हुई है।
कई राज्यों में हीटवेव का अलर्ट
भारतीय मौसम विभाग (IMD) ने 12 से 18 मार्च के बीच देश के कई हिस्सों में हीटवेव और उमस भरी गर्मी की संभावना जताई है। पश्चिमी और मध्य भारत के कई इलाकों में तापमान तेजी से बढ़ रहा है, जिससे गर्म हवाओं की स्थिति बन सकती है। विशेषज्ञों का कहना है कि यदि तापमान इसी तरह बढ़ता रहा तो कई जगहों पर लू जैसी परिस्थितियां बन सकती हैं।
दिल्ली-एनसीआर में भी लोगों को दिन के समय तेज धूप और बढ़ती गर्मी का सामना करना पड़ रहा है। दोपहर के समय बाहर निकलना मुश्किल हो रहा है और सड़कों पर गर्मी का असर साफ दिखाई दे रहा है। मौसम विभाग ने लोगों को सलाह दी है कि वे दोपहर के समय बाहर निकलने से बचें और पर्याप्त मात्रा में पानी पीते रहें।
पश्चिमी विक्षोभ से मौसम बदलने की संभावना
हालांकि लगातार बढ़ती गर्मी के बीच मौसम विभाग ने थोड़ी राहत की उम्मीद भी जताई है। 14 मार्च के आसपास एक नया पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय हो सकता है, जिसका असर उत्तर-पश्चिम भारत के कई हिस्सों में देखने को मिल सकता है। इसके प्रभाव से दिल्ली-एनसीआर में आंशिक बादल छाने और हल्की बारिश होने की संभावना है।
मौसम वैज्ञानिकों का मानना है कि इस पश्चिमी विक्षोभ के कारण तापमान में कुछ गिरावट आ सकती है। यदि बारिश या बूंदाबांदी होती है तो लोगों को कुछ दिनों के लिए गर्मी से राहत मिल सकती है। हालांकि यह राहत अस्थायी हो सकती है और उसके बाद तापमान फिर से बढ़ने की संभावना है।
शुरुआती गर्मी के पीछे क्या है कारण
मार्च में अचानक बढ़ती गर्मी के पीछे कई मौसम संबंधी कारण बताए जा रहे हैं। सबसे बड़ा कारण यह है कि पिछले कुछ समय से उत्तर भारत में सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ नहीं आया, जिसके कारण बादल और बारिश का असर कम रहा। इसके अलावा साफ आसमान के कारण सूरज की किरणें सीधे जमीन तक पहुंच रही हैं, जिससे तापमान तेजी से बढ़ रहा है।
इसके साथ ही बदलते जलवायु पैटर्न को भी इस असामान्य गर्मी का एक कारण माना जा रहा है। पिछले कुछ वर्षों में मौसम के व्यवहार में तेजी से बदलाव देखने को मिला है। कभी सर्दी लंबी चलती है तो कभी गर्मी जल्दी शुरू हो जाती है। ऐसे में मौसम का संतुलन पहले जैसा नहीं रहा है।
आने वाले दिनों का मौसम पूर्वानुमान
मौसम विभाग के अनुमान के अनुसार, अगले कुछ दिनों तक दिल्ली-एनसीआर में दिन के समय गर्मी का असर बना रह सकता है। हालांकि पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव से बीच-बीच में बादल छाने और हल्की बारिश होने की संभावना भी जताई गई है। यदि बारिश होती है तो तापमान में कुछ गिरावट दर्ज की जा सकती है।
पूर्वानुमान के अनुसार आने वाले दिनों में अधिकतम तापमान लगभग 30 से 34 डिग्री सेल्सियस के बीच रह सकता है। रात के समय तापमान अपेक्षाकृत कम रहेगा, जिससे मौसम में हल्की राहत महसूस हो सकती है। फिर भी दिन के समय तेज धूप लोगों को परेशान कर सकती है।
गर्मी से बचाव के लिए जरूरी सावधानियां
तेजी से बढ़ती गर्मी को देखते हुए स्वास्थ्य विशेषज्ञ भी लोगों को सतर्क रहने की सलाह दे रहे हैं। खासकर बुजुर्गों, बच्चों और बाहर काम करने वाले लोगों को ज्यादा सावधानी बरतने की जरूरत है। दिन के समय धूप में ज्यादा देर तक रहने से शरीर में पानी की कमी और थकान जैसी समस्याएं हो सकती हैं।
इसलिए गर्मी से बचने के लिए हल्के कपड़े पहनना, अधिक पानी पीना और धूप में निकलते समय छाता या टोपी का इस्तेमाल करना फायदेमंद माना जाता है। इसके अलावा दोपहर के समय अनावश्यक यात्रा से बचना भी बेहतर है।
निष्कर्ष
दिल्ली-एनसीआर में इस साल मार्च के महीने में ही तेज गर्मी ने लोगों को चौंका दिया है। सामान्य से अधिक तापमान और साफ आसमान के कारण मौसम का मिजाज पूरी तरह बदल गया है। हालांकि आने वाले दिनों में पश्चिमी विक्षोभ के कारण हल्की बारिश की संभावना से कुछ राहत मिल सकती है। फिर भी विशेषज्ञों का मानना है कि इस साल गर्मी जल्दी और अधिक तीव्र हो सकती है, इसलिए लोगों को अभी से सावधानी बरतने की जरूरत है।








