IMD Weather Alert: भारत में मौसम एक बार फिर करवट ले रहा है। मार्च के मध्य में पहुंचते ही देश के कई हिस्सों में मौसम तेजी से बदलता दिखाई दे रहा है। मौसम विशेषज्ञों के अनुसार आने वाले एक सप्ताह के दौरान देश के अनेक राज्यों में बारिश, तेज हवाएं, गरज-चमक और कहीं-कहीं धूल भरी आंधी देखने को मिल सकती है।
13 मार्च को जारी ताजा मौसम रिपोर्ट के मुताबिक उत्तर भारत से लेकर पूर्वी और दक्षिणी राज्यों तक वातावरण में अस्थिरता बढ़ रही है। इसका मुख्य कारण सक्रिय हुआ नया पश्चिमी विक्षोभ और पाकिस्तान के आसपास विकसित हो रहा चक्रवाती हवाओं का क्षेत्र है, जिसके कारण देश के बड़े हिस्से में मौसम का मिजाज बदलने की संभावना बन गई है।
पश्चिमी विक्षोभ और चक्रवाती परिसंचरण का असर
मौसम विभाग के अनुसार एक नया पश्चिमी विक्षोभ हिमालयी क्षेत्रों में सक्रिय हो चुका है। इसके साथ ही मध्य पाकिस्तान के ऊपर चक्रवाती हवाओं का एक क्षेत्र बन गया है। इन दोनों प्रणालियों के संयुक्त प्रभाव से वातावरण में नमी और अस्थिरता बढ़ रही है।
इस स्थिति के कारण एक ट्रफ रेखा बनने की संभावना है, जो राजस्थान से होते हुए उत्तर प्रदेश और मध्य प्रदेश तक फैल सकती है। इस ट्रफ के सक्रिय होने से उत्तर भारत, मध्य भारत और कुछ पूर्वी राज्यों में मौसम तेजी से बदल सकता है।
विशेषज्ञों का मानना है कि इन मौसम प्रणालियों के कारण कई राज्यों में तेज हवाओं के साथ बारिश और बिजली गिरने की घटनाएं भी देखने को मिल सकती हैं। इसलिए लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी जा रही है।
पूर्वोत्तर भारत में भारी बारिश की आशंका
देश के पूर्वोत्तर हिस्सों में पहले से ही बादल सक्रिय हैं। आने वाले दिनों में असम, मेघालय, अरुणाचल प्रदेश और नागालैंड में तेज बारिश की संभावना जताई जा रही है।
इन क्षेत्रों में कई जगहों पर मूसलाधार बारिश हो सकती है, जिससे नदियों का जलस्तर बढ़ने और स्थानीय स्तर पर जलभराव की स्थिति बनने का खतरा भी है। पर्वतीय क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को विशेष सावधानी बरतने की जरूरत है।
कई इलाकों में अभी भी जारी है तेज गर्मी
जहां एक ओर कई हिस्सों में बारिश की संभावना बन रही है, वहीं कुछ राज्यों में गर्मी का असर अभी भी काफी ज्यादा बना हुआ है।
गुजरात, महाराष्ट्र के विदर्भ क्षेत्र और ओडिशा में तापमान काफी ऊंचा दर्ज किया जा रहा है। विदर्भ के अकोला और अमरावती जैसे शहरों में तापमान 42 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया है। वहीं ओडिशा के झारसुगुड़ा में भी तापमान 41 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया है।
इस तेज गर्मी के कारण इन क्षेत्रों में दिन के समय लोगों को गर्म हवाओं और लू जैसी परिस्थितियों का सामना करना पड़ रहा है।
मुंबई में समुद्री हवाओं का असर
महाराष्ट्र की राजधानी मुंबई में पिछले कुछ दिनों में तापमान में हल्की गिरावट देखी गई थी। इसका कारण समुद्र से आने वाली ठंडी हवाएं थीं, जिनकी वजह से मौसम कुछ हद तक राहतभरा हो गया था।
हालांकि मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि यह राहत ज्यादा दिनों तक नहीं टिकेगी। अगले दो दिनों के भीतर तापमान फिर से बढ़ सकता है और गर्मी का असर वापस महसूस होने लगेगा।
उत्तर भारत में बढ़ेगी बादलों की गतिविधि
दिल्ली-एनसीआर, पंजाब, हरियाणा और राजस्थान के कई हिस्सों में बादलों की आवाजाही बढ़ने लगी है। इससे दिन के तापमान में हल्की कमी देखने को मिल सकती है।
लेकिन मौसम में बढ़ती अस्थिरता के कारण इन इलाकों में तेज आंधी और तूफान का खतरा भी बढ़ गया है। कुछ क्षेत्रों में धूल भरी आंधी चलने और अचानक बारिश होने की संभावना है।
15 मार्च से तेज होगी बारिश की गतिविधियां
मौसम विभाग के अनुसार 14 मार्च की रात से मौसम में बड़ा बदलाव शुरू हो सकता है। इसके बाद 15 मार्च को उत्तर भारत के पर्वतीय राज्यों में बारिश और बर्फबारी की संभावना है।
जम्मू-कश्मीर, लद्दाख, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड में अच्छी बारिश के साथ ऊंचाई वाले इलाकों में बर्फबारी भी हो सकती है। इसके अलावा पंजाब, हरियाणा और राजस्थान के उत्तरी जिलों जैसे गंगानगर, हनुमानगढ़ और चूरू में भी बारिश के आसार हैं।
इन क्षेत्रों में तेज हवाओं के साथ गरज-चमक भी देखने को मिल सकती है।
दिल्ली-एनसीआर में तेज हवाएं और बारिश
राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र में भी मौसम का असर साफ दिखाई दे सकता है। 15 और 16 मार्च के दौरान दिल्ली और आसपास के इलाकों में तेज हवाएं चलने की संभावना है।
हवाओं की गति लगभग 30 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकती है। इसके साथ ही गरज-चमक के साथ हल्की से मध्यम बारिश भी हो सकती है। इससे तापमान में थोड़ी गिरावट आ सकती है और लोगों को गर्मी से अस्थायी राहत मिल सकती है।
उत्तर प्रदेश में भी बढ़ेगा बारिश का दायरा
उत्तर प्रदेश के कई हिस्सों में 16 और 17 मार्च के बीच बारिश की गतिविधियां बढ़ सकती हैं। खासकर तराई क्षेत्र से लेकर राज्य के मध्य और पूर्वी भागों तक बादल सक्रिय हो सकते हैं।
बारिश और तेज हवाओं के कारण खेतों में खड़ी फसलों को नुकसान पहुंचने की आशंका भी जताई जा रही है। ऐसे में किसानों को मौसम के अपडेट पर नजर रखने की सलाह दी गई है।
पूर्वी भारत में प्री-मानसून गतिविधियां
पूर्वी भारत में भी मौसम धीरे-धीरे प्री-मानसून की ओर बढ़ रहा है। बिहार, झारखंड, पश्चिम बंगाल और ओडिशा के कई हिस्सों में 17 मार्च तक बारिश और बिजली गिरने की संभावना जताई गई है।
इन राज्यों में अचानक मौसम बदल सकता है और कहीं-कहीं तेज आंधी के साथ बारिश हो सकती है।
दक्षिण भारत में भी बदल सकता है मौसम
दक्षिण भारत के कुछ राज्यों में भी मौसम का असर देखने को मिल सकता है। तेलंगाना, आंध्र प्रदेश और आंतरिक कर्नाटक के कई हिस्सों में बादल सक्रिय होने की संभावना है।
इन इलाकों में गरज-चमक के साथ हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है, जिससे तापमान में थोड़ी राहत मिल सकती है।
गुजरात में फिलहाल राहत, लेकिन जल्द बदलेगा मौसम
गुजरात में फिलहाल बारिश की संभावना कम बताई जा रही है, जिससे लोगों को अभी कुछ राहत मिल सकती है। हालांकि मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि 19 से 20 मार्च के आसपास यहां भी मौसम में बदलाव देखने को मिल सकता है।
संभावना है कि उस समय राज्य के कुछ हिस्सों में बादल सक्रिय हों और हल्की बारिश हो सकती है।
किसानों के लिए जरूरी सावधानी
मौसम की इस अस्थिर स्थिति को देखते हुए किसानों को विशेष सतर्कता बरतने की जरूरत है। कई क्षेत्रों में तेज हवाएं, ओलावृष्टि और बिजली गिरने की घटनाएं फसलों को नुकसान पहुंचा सकती हैं।
किसानों को सलाह दी जा रही है कि वे मौसम विभाग के ताजा पूर्वानुमान पर नजर रखें और जरूरत पड़ने पर फसलों की सुरक्षा के लिए आवश्यक कदम उठाएं।
आने वाले दिन रहेंगे मौसम के लिहाज से अस्थिर
कुल मिलाकर अगले कुछ दिनों में देश के कई हिस्सों में मौसम तेजी से बदल सकता है। कहीं तेज गर्मी तो कहीं बारिश और आंधी-तूफान का दौर देखने को मिल सकता है।
ऐसे में आम लोगों के साथ-साथ किसानों और यात्रियों को भी सतर्क रहने की जरूरत है। मौसम की ताजा जानकारी पर नजर रखना और आवश्यक सावधानी बरतना इस समय बेहद जरूरी हो गया है।








