Gold Silver Price Update: भारत में सोना हमेशा से निवेश और आभूषण दोनों के रूप में लोकप्रिय रहा है। शादी-विवाह से लेकर त्योहारों तक, सोना भारतीय संस्कृति का महत्वपूर्ण हिस्सा माना जाता है। ऐसे में हर दिन सोने और चांदी की कीमतों में होने वाले बदलाव पर लोगों की नजर रहती है। हाल के दिनों में अंतरराष्ट्रीय बाजार और डॉलर की मजबूती के कारण सोने की कीमतों में हल्की गिरावट देखने को मिल रही है, जिसका असर भारतीय बाजार पर भी पड़ा है।
15 मार्च 2026 के आसपास देश के प्रमुख शहरों में सोने के दाम में उतार-चढ़ाव देखने को मिला। इस दौरान 24 कैरेट, 22 कैरेट और 18 कैरेट गोल्ड के रेट अलग-अलग शहरों में थोड़े अंतर के साथ दर्ज किए गए।
भारत में सोने का ताजा भाव
देश में सोने की कीमत आमतौर पर प्रति ग्राम और प्रति 10 ग्राम के आधार पर बताई जाती है। हालिया आंकड़ों के अनुसार भारत में 24 कैरेट सोने की कीमत लगभग ₹15,965 प्रति ग्राम यानी करीब ₹1,59,650 प्रति 10 ग्राम के आसपास रही। वहीं 22 कैरेट गोल्ड लगभग ₹14,634 प्रति ग्राम और 18 कैरेट सोना करीब ₹11,973 प्रति ग्राम के आसपास कारोबार करता दिखा।
सोने की कीमतें समय-समय पर बदलती रहती हैं, क्योंकि इन पर अंतरराष्ट्रीय बाजार, डॉलर की कीमत, कच्चे तेल के दाम और निवेशकों की मांग जैसे कई कारकों का प्रभाव पड़ता है।
प्रमुख शहरों में सोने के दाम
भारत के अलग-अलग शहरों में सोने की कीमतों में थोड़ा अंतर देखने को मिलता है। इसका कारण स्थानीय टैक्स, ज्वेलर्स के चार्ज और मांग-आपूर्ति का अंतर होता है।
दिल्ली में सोने का भाव
राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में 24 कैरेट सोने की कीमत लगभग ₹1,59,800 प्रति 10 ग्राम के आसपास दर्ज की गई। वहीं 22 कैरेट सोना करीब ₹1,46,490 प्रति 10 ग्राम पर कारोबार करता दिखा।
दिल्ली का सर्राफा बाजार देश के सबसे बड़े बाजारों में से एक है, इसलिए यहां की कीमतें अक्सर राष्ट्रीय औसत के करीब रहती हैं।
मुंबई में गोल्ड रेट
मुंबई में सोने के दाम दिल्ली के मुकाबले थोड़ा कम या ज्यादा हो सकते हैं। यहां 24 कैरेट सोना लगभग ₹1,59,660 प्रति 10 ग्राम और 22 कैरेट सोना करीब ₹1,46,300 से ₹1,46,500 प्रति 10 ग्राम के आसपास दर्ज किया गया।
मुंबई भारत का प्रमुख बुलियन ट्रेडिंग हब माना जाता है, इसलिए यहां सोने के कारोबार की मात्रा काफी अधिक होती है।
चेन्नई में सोने की कीमत
दक्षिण भारत में सोने की मांग हमेशा अधिक रहती है। चेन्नई में 24 कैरेट सोना लगभग ₹1,59,200 प्रति 10 ग्राम और 22 कैरेट सोना लगभग ₹1,45,900 प्रति 10 ग्राम के आसपास देखा गया।
दक्षिण भारत में शादियों और धार्मिक आयोजनों के कारण सोने की खरीदारी ज्यादा होती है।
कोलकाता में गोल्ड रेट
कोलकाता के बाजार में भी सोने की कीमत लगभग राष्ट्रीय औसत के आसपास रही। यहां 24 कैरेट सोना करीब ₹1,58,500 से ₹1,58,600 प्रति 10 ग्राम के आसपास दर्ज किया गया, जबकि 22 कैरेट गोल्ड करीब ₹1,45,300 प्रति 10 ग्राम के आसपास रहा।
पूर्वी भारत में कोलकाता सोने के बड़े व्यापारिक केंद्रों में से एक माना जाता है।
24, 22 और 18 कैरेट सोने में क्या अंतर होता है
सोना खरीदते समय अक्सर लोग 24 कैरेट, 22 कैरेट और 18 कैरेट जैसे शब्द सुनते हैं। इनका संबंध सोने की शुद्धता से होता है।
24 कैरेट सोना
24 कैरेट सोना सबसे शुद्ध माना जाता है। इसमें लगभग 99.9% शुद्ध सोना होता है। यह बहुत मुलायम होता है, इसलिए इससे आमतौर पर सिक्के या निवेश के लिए बार बनाए जाते हैं।
22 कैरेट सोना
22 कैरेट सोने में लगभग 91.6% शुद्ध सोना होता है और बाकी हिस्सा अन्य धातुओं का मिश्रण होता है। ज्यादातर सोने के गहने इसी से बनाए जाते हैं क्योंकि यह ज्यादा मजबूत होता है।
18 कैरेट सोना
18 कैरेट सोने में लगभग 75% सोना होता है और बाकी धातुएं मिलाई जाती हैं। यह अक्सर डिजाइनर ज्वेलरी या डायमंड ज्वेलरी में इस्तेमाल किया जाता है।
चांदी के दाम में भी गिरावट
सोने के साथ-साथ चांदी की कीमतों में भी हाल के दिनों में गिरावट देखने को मिली। कुछ रिपोर्टों के अनुसार दिल्ली में चांदी का भाव लगभग ₹2,65,500 प्रति किलोग्राम के आसपास पहुंच गया, जो पहले की तुलना में कम है।
अंतरराष्ट्रीय बाजार की परिस्थितियां, निवेशकों की मांग और औद्योगिक उपयोग जैसे कारक चांदी की कीमतों को प्रभावित करते हैं।
सोने की कीमतें क्यों बदलती हैं
सोने के दाम स्थिर नहीं रहते, बल्कि कई आर्थिक और वैश्विक कारणों से बदलते रहते हैं। प्रमुख कारण इस प्रकार हैं:
1. अंतरराष्ट्रीय बाजार
भारत में सोने की कीमत काफी हद तक वैश्विक बाजार पर निर्भर करती है। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सोने की कीमत बढ़ने या घटने से घरेलू बाजार भी प्रभावित होता है।
2. डॉलर की मजबूती
जब अमेरिकी डॉलर मजबूत होता है, तो अक्सर सोने की कीमतों पर दबाव पड़ता है। हाल के दिनों में भी डॉलर की मजबूती के कारण सोने के दाम में गिरावट देखी गई।
3. मांग और आपूर्ति
त्योहारों, शादी के मौसम और निवेश की मांग बढ़ने पर सोने की कीमतें बढ़ सकती हैं।
4. सरकारी नीतियां और आयात शुल्क
भारत में सोना मुख्य रूप से आयात किया जाता है। इसलिए आयात शुल्क, टैक्स और सरकारी नीतियों का भी इसकी कीमतों पर असर पड़ता है।
क्या अभी सोना खरीदना सही रहेगा?
कई निवेशक सोने को सुरक्षित निवेश मानते हैं क्योंकि यह लंबे समय में मुद्रास्फीति के खिलाफ सुरक्षा देता है। जब बाजार में अनिश्चितता बढ़ती है, तब भी लोग सोने में निवेश करना पसंद करते हैं।
हालांकि सोना खरीदने से पहले हमेशा वर्तमान कीमत, भविष्य के रुझान और अपनी निवेश रणनीति को ध्यान में रखना चाहिए। अगर आप गहनों के लिए सोना खरीद रहे हैं तो मेकिंग चार्ज और टैक्स भी कीमत को प्रभावित करते हैं।
निष्कर्ष
सोना और चांदी दोनों ही भारतीय बाजार में महत्वपूर्ण निवेश विकल्प हैं। हाल के दिनों में इनकी कीमतों में हल्की गिरावट देखने को मिली है, लेकिन लंबे समय में सोना अभी भी एक सुरक्षित निवेश माना जाता है।
अगर आप सोना खरीदने की योजना बना रहे हैं तो बेहतर होगा कि खरीदारी से पहले अपने शहर के ताजा रेट, सोने की शुद्धता और ज्वेलर्स के चार्ज की जानकारी जरूर लें। इससे आप सही समय पर सही कीमत पर सोना खरीद पाएंगे।








