CBSE 10th Exam Cancelled Update: सीबीएसई (CBSE) बोर्ड परीक्षा हर साल लाखों छात्रों के भविष्य से जुड़ी होती है। लेकिन वर्ष 2026 में मिडिल ईस्ट के कुछ देशों में पढ़ने वाले सीबीएसई 10वीं के छात्रों के लिए एक असामान्य स्थिति पैदा हो गई। क्षेत्र में अस्थिर हालात और सुरक्षा चिंताओं के कारण बोर्ड को वहां आयोजित होने वाली 10वीं कक्षा की परीक्षाएं रद्द करनी पड़ीं। इस फैसले ने हजारों छात्रों और उनके अभिभावकों के मन में यह सवाल खड़ा कर दिया कि बिना परीक्षा दिए उनका रिजल्ट कैसे तैयार किया जाएगा।
नीचे इस पूरे मामले को विस्तार से समझते हैं।
किन देशों में रद्द हुई CBSE 10वीं की परीक्षा
सीबीएसई द्वारा जारी अपडेट के अनुसार, मिडिल ईस्ट के कई देशों में स्थित सीबीएसई से संबद्ध स्कूलों में 10वीं की बोर्ड परीक्षाएं रद्द कर दी गईं। इनमें प्रमुख रूप से संयुक्त अरब अमीरात (UAE), बहरीन, ईरान, कुवैत, ओमान, कतर और सऊदी अरब जैसे देश शामिल हैं। इन देशों में बड़ी संख्या में भारतीय परिवार रहते हैं और उनके बच्चे भारतीय शिक्षा प्रणाली के अंतर्गत CBSE स्कूलों में पढ़ाई करते हैं।
इन क्षेत्रों में उत्पन्न सुरक्षा परिस्थितियों और तनावपूर्ण माहौल को देखते हुए बोर्ड ने छात्रों की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए यह निर्णय लिया।
किन तारीखों की परीक्षाएं रद्द की गईं
सीबीएसई ने मार्च 2026 में आयोजित होने वाली कई परीक्षाओं पर निर्णय लिया। बोर्ड द्वारा जारी नोटिस के अनुसार 7 मार्च से 11 मार्च 2026 के बीच निर्धारित 10वीं कक्षा की सभी शेष परीक्षाएं रद्द कर दी गईं। इससे पहले जो परीक्षाएं 2 मार्च, 5 मार्च और 6 मार्च को होनी थीं और जिन्हें पहले स्थगित किया गया था, उन्हें भी बाद में रद्द कर दिया गया।
इस निर्णय का सीधा असर उन छात्रों पर पड़ा जो इन तारीखों में होने वाली परीक्षाओं की तैयारी कर रहे थे।
क्यों लिया गया यह बड़ा फैसला
मिडिल ईस्ट क्षेत्र में उस समय तनावपूर्ण हालात बने हुए थे, जिसके कारण कई स्थानों पर सामान्य गतिविधियां प्रभावित हो रही थीं। ऐसे में छात्रों, शिक्षकों और स्कूल स्टाफ की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए सीबीएसई ने परीक्षा रद्द करने का निर्णय लिया।
बोर्ड का कहना था कि छात्रों की सुरक्षा और मानसिक तनाव को कम करना सबसे महत्वपूर्ण है। इसलिए ऐसी स्थिति में परीक्षा आयोजित करना उचित नहीं माना गया।
बिना परीक्षा दिए कैसे बनेगा रिजल्ट
सबसे बड़ा सवाल यह है कि जब परीक्षा ही नहीं हुई, तो छात्रों का रिजल्ट किस आधार पर तैयार किया जाएगा। सीबीएसई ने स्पष्ट किया है कि मिडिल ईस्ट के छात्रों के लिए परिणाम तैयार करने की प्रक्रिया अलग तरीके से तय की जाएगी और इसके लिए विशेष दिशा-निर्देश जारी किए जाएंगे।
हालांकि आम तौर पर ऐसे मामलों में बोर्ड कुछ मानकों के आधार पर परिणाम तैयार कर सकता है। उदाहरण के तौर पर निम्नलिखित तत्वों को ध्यान में रखा जा सकता है:
1. इंटरनल असेसमेंट (Internal Assessment)
स्कूलों द्वारा पूरे साल के दौरान किए गए इंटरनल असेसमेंट को महत्व दिया जा सकता है। इसमें प्रोजेक्ट, असाइनमेंट और गतिविधि आधारित मूल्यांकन शामिल होते हैं।
2. यूनिट टेस्ट और पीरियॉडिक टेस्ट
अधिकांश स्कूल साल भर में कई छोटे टेस्ट लेते हैं। इन टेस्ट के अंकों को भी अंतिम परिणाम तैयार करने में शामिल किया जा सकता है।
3. प्री-बोर्ड परीक्षा के अंक
कई स्कूल बोर्ड परीक्षा से पहले प्री-बोर्ड परीक्षा आयोजित करते हैं। इन परीक्षाओं के अंक भी छात्रों के प्रदर्शन को समझने का महत्वपूर्ण आधार बन सकते हैं।
4. प्रैक्टिकल और प्रोजेक्ट मार्क्स
कुछ विषयों में प्रैक्टिकल और प्रोजेक्ट कार्य भी होते हैं। इन अंकों को भी रिजल्ट में शामिल किया जा सकता है।
हालांकि अंतिम मूल्यांकन का तरीका सीबीएसई की आधिकारिक घोषणा के बाद ही पूरी तरह स्पष्ट होगा।
12वीं की परीक्षा रद्द नहीं हुई
यह भी ध्यान देने वाली बात है कि यह फैसला केवल 10वीं कक्षा की परीक्षाओं के लिए लिया गया है। 12वीं कक्षा की परीक्षा पूरी तरह रद्द नहीं की गई है, बल्कि कुछ पेपरों को केवल स्थगित किया गया है। बाद में इनके लिए नई तारीख घोषित की जाएगी।
इसका मतलब है कि 12वीं के छात्रों को अपनी परीक्षा देने का मौका मिलेगा।
छात्रों और अभिभावकों की चिंता
परीक्षा रद्द होने के बाद छात्रों और अभिभावकों के बीच कई तरह की चिंताएं सामने आई हैं। सबसे बड़ी चिंता यह है कि क्या बिना परीक्षा के तैयार किया गया परिणाम उनके भविष्य को प्रभावित करेगा।
कई छात्र यह भी सोच रहे हैं कि अगर उनके इंटरनल मार्क्स कम हुए तो इसका असर उनके कुल परिणाम पर पड़ सकता है। वहीं कुछ छात्रों को उम्मीद है कि उनके अच्छे प्री-बोर्ड और टेस्ट स्कोर उन्हें बेहतर रिजल्ट दिला सकते हैं।
पहले भी अपनाया जा चुका है ऐसा तरीका
यह पहली बार नहीं है जब बिना बोर्ड परीक्षा के परिणाम तैयार करने की बात सामने आई हो। इससे पहले कोविड-19 महामारी के दौरान भी सीबीएसई ने वैकल्पिक मूल्यांकन पद्धति अपनाई थी। उस समय छात्रों के इंटरनल मार्क्स, प्री-बोर्ड और स्कूल मूल्यांकन के आधार पर रिजल्ट जारी किए गए थे।
संभावना है कि मिडिल ईस्ट के छात्रों के लिए भी इसी तरह की किसी प्रक्रिया का उपयोग किया जाए।
आगे क्या होगा
फिलहाल सीबीएसई ने यह स्पष्ट किया है कि मिडिल ईस्ट में पढ़ने वाले 10वीं के छात्रों का परिणाम तैयार करने के लिए अलग से दिशा-निर्देश जारी किए जाएंगे। स्कूलों और छात्रों को सलाह दी गई है कि वे आधिकारिक अपडेट पर नजर बनाए रखें।
जब बोर्ड अंतिम मूल्यांकन पद्धति घोषित करेगा, तब यह साफ हो जाएगा कि छात्रों के अंक किस तरह से तय किए जाएंगे और रिजल्ट कब जारी किया जाएगा।
निष्कर्ष
मिडिल ईस्ट में अस्थिर परिस्थितियों के कारण सीबीएसई द्वारा 10वीं की बोर्ड परीक्षाएं रद्द करना एक असाधारण निर्णय था। हालांकि इससे छात्रों की पढ़ाई और भविष्य को लेकर कई सवाल खड़े हुए हैं, लेकिन बोर्ड ने भरोसा दिलाया है कि परिणाम तैयार करने के लिए निष्पक्ष और संतुलित प्रणाली अपनाई जाएगी।
छात्रों के लिए सबसे जरूरी है कि वे घबराने की बजाय आधिकारिक सूचनाओं का इंतजार करें और भविष्य की पढ़ाई की योजना पर ध्यान केंद्रित करें।













