CBSE 10th Exam 2026 Phase 2: साल 2026 से केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE) ने कक्षा 10वीं के लिए एक नई परीक्षा प्रणाली लागू की है, जिसके तहत अब बोर्ड परीक्षा साल में दो बार आयोजित की जा रही है। इस बदलाव का उद्देश्य छात्रों पर परीक्षा का दबाव कम करना और उन्हें अपने अंकों में सुधार का अतिरिक्त अवसर देना है। पहले चरण की परीक्षा अनिवार्य है, जबकि दूसरा चरण पूरी तरह वैकल्पिक रखा गया है, ताकि छात्र अपनी जरूरत के अनुसार इसमें शामिल हो सकें।
Phase 2 परीक्षा क्या है और कब होगी?
CBSE कक्षा 10वीं की दूसरी बोर्ड परीक्षा (Phase 2) मुख्य रूप से उन छात्रों के लिए आयोजित की जाएगी जो अपने अंक सुधारना चाहते हैं या किसी विषय में बेहतर प्रदर्शन करना चाहते हैं। यह परीक्षा मई से जून 2026 के बीच आयोजित होने की संभावना है।
आधिकारिक जानकारी के अनुसार, Phase 2 की परीक्षा 15 मई से 1 जून 2026 के बीच आयोजित की जाएगी।
यह परीक्षा पहले चरण (फरवरी–मार्च 2026) के बाद आयोजित होगी, जिससे छात्रों को अपनी तैयारी सुधारने का पर्याप्त समय मिल सके।
दो बार परीक्षा कराने का उद्देश्य
नई शिक्षा नीति (NEP 2020) के तहत यह निर्णय लिया गया है कि छात्रों को एक ही साल में दो मौके दिए जाएं। इससे छात्रों को यह फायदा होगा कि यदि पहली बार में उनका प्रदर्शन उम्मीद के मुताबिक नहीं रहता, तो वे दूसरी परीक्षा में सुधार कर सकते हैं।
इस व्यवस्था से:
परीक्षा का तनाव कम होगा
छात्रों को बेहतर अंक हासिल करने का मौका मिलेगा
एक ही परीक्षा पर निर्भरता घटेगी
कौन छात्र दे सकते हैं Phase 2 परीक्षा?
दूसरे चरण की परीक्षा सभी छात्रों के लिए अनिवार्य नहीं है। केवल वही छात्र इसमें शामिल हो सकते हैं जो कुछ निर्धारित शर्तों को पूरा करते हैं।
योग्यता से जुड़े मुख्य बिंदु:
छात्र को पहले चरण (Phase 1) की परीक्षा देना अनिवार्य है
कम से कम 3 विषयों में उपस्थित होना जरूरी है
छात्र अधिकतम 3 विषयों में ही सुधार परीक्षा दे सकते हैं
इसके अलावा:
जो छात्र पास हो चुके हैं लेकिन अपने अंक बढ़ाना चाहते हैं, वे भी इसमें शामिल हो सकते हैं
कंपार्टमेंट श्रेणी के छात्र भी कुछ शर्तों के तहत परीक्षा दे सकते हैं
कौन छात्र नहीं दे पाएंगे यह परीक्षा?
CBSE ने कुछ स्पष्ट नियम भी तय किए हैं, जिनके अनुसार कुछ छात्र Phase 2 परीक्षा में शामिल नहीं हो सकेंगे:
जो छात्र Phase 1 में शामिल नहीं हुए
जिन्होंने 3 से कम विषयों में परीक्षा दी
जो छात्र केवल दूसरी परीक्षा देने की योजना बना रहे हैं (पहली छोड़कर)
इसका मतलब यह है कि दूसरी परीक्षा मुख्य परीक्षा का विकल्प नहीं है, बल्कि सिर्फ सुधार का अवसर है।
परीक्षा पैटर्न और समय
Phase 2 परीक्षा का पैटर्न Phase 1 जैसा ही रहेगा। इसमें किसी प्रकार की छूट या सिलेबस में बदलाव नहीं किया गया है।
मुख्य बातें:
पूरा सिलेबस दोनों चरणों में समान रहेगा
परीक्षा ऑफलाइन (पेन-पेपर मोड) में होगी
समय 10:30 बजे से 1:30 बजे तक रहेगा
छात्रों को परीक्षा केंद्र पर समय से पहले पहुंचना अनिवार्य होगा, क्योंकि देर से आने पर प्रवेश नहीं दिया जाएगा।
LOC (List of Candidates) और आवेदन प्रक्रिया
CBSE ने स्कूलों को निर्देश दिया है कि वे उन छात्रों की सूची (LOC) तैयार करें जो दूसरे चरण की परीक्षा में शामिल होना चाहते हैं। यह प्रक्रिया ऑनलाइन पोर्टल के माध्यम से पूरी की जाती है।
स्कूलों को तय समयसीमा के भीतर यह सूची जमा करनी होती है, ताकि बोर्ड समय पर एडमिट कार्ड और अन्य व्यवस्थाएं कर सके।
छात्रों को सलाह दी जाती है कि वे अपने स्कूल से संपर्क में रहें और समय पर आवेदन सुनिश्चित करें।
परीक्षा शुल्क (Fees)
CBSE ने परीक्षा शुल्क में भी कुछ बदलाव किए हैं। 2026 के लिए:
5 विषयों के लिए शुल्क लगभग ₹1600 निर्धारित किया गया है
अतिरिक्त विषय के लिए अलग शुल्क देना होगा
Phase 2 परीक्षा के लिए भी अलग से शुल्क लिया जा सकता है, इसलिए छात्रों को पहले से जानकारी लेना जरूरी है।
रिजल्ट और मार्कशीट
CBSE की इस नई प्रणाली में सबसे खास बात यह है कि अंतिम मार्कशीट में दोनों परीक्षाओं के अंकों में से बेहतर प्रदर्शन को शामिल किया जाएगा।
Phase 1 का परिणाम अप्रैल 2026 तक आ सकता है
Phase 2 का परिणाम जून 2026 तक घोषित होने की संभावना है
अंतिम मार्कशीट में वही अंक जोड़े जाएंगे जो छात्र के लिए सबसे बेहतर होंगे।
छात्रों के लिए जरूरी सलाह
दूसरे चरण की परीक्षा को हल्के में नहीं लेना चाहिए। यह एक महत्वपूर्ण अवसर है, लेकिन इसमें शामिल होने का निर्णय सोच-समझकर लेना चाहिए।
कुछ जरूरी सुझाव:
केवल उन्हीं विषयों में परीक्षा दें जिनमें सुधार की जरूरत हो
समय का सही उपयोग करें और कमजोर विषयों पर ध्यान दें
पहले चरण के प्रदर्शन का विश्लेषण करें
अनावश्यक दबाव से बचें
निष्कर्ष
CBSE की नई दो-चरणीय परीक्षा प्रणाली छात्रों के लिए एक बड़ा बदलाव है। Phase 2 परीक्षा उन छात्रों के लिए एक सुनहरा अवसर है जो अपने प्रदर्शन को बेहतर बनाना चाहते हैं। हालांकि, यह जरूरी है कि छात्र इसके नियमों और पात्रता को अच्छी तरह समझें और सोच-समझकर निर्णय लें।
यह प्रणाली न केवल छात्रों को दूसरा मौका देती है, बल्कि उन्हें आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ने का अवसर भी प्रदान करती है।













